(N/A) $(1)$ फिनोल का नाइट्रोबेन्जीन में परिवर्तन:
फिनोल को पहले जिंक डस्ट का उपयोग करके बेन्जीन में अपचयित किया जाता है,उसके बाद नाइट्रीकरण किया जाता है।
$\text{फिनोल}$ $\xrightarrow{\text{Zn dust}, \Delta} \text{बेन्जीन}$ $\xrightarrow{\text{सांद्र } HNO_3, \text{सांद्र } H_2SO_4, \Delta} \text{नाइट्रोबेन्जीन}$
$(2)$ बेन्जीन का $p$-मेथिलएसीटोफिनोन में परिवर्तन:
बेन्जीन का फ्रीडल-क्राफ्ट्स एल्काइलेशन होकर टॉलूईन बनता है,उसके बाद फ्रीडल-क्राफ्ट्स एसाइलेशन किया जाता है।
$\text{बेन्जीन}$ $\xrightarrow{\text{CH}_3\text{Cl, anhy. AlCl}_3} \text{टॉलूईन}$ $\xrightarrow{\text{CH}_3\text{COCl, anhy. AlCl}_3} p\text{-मेथिलएसीटोफिनोन}$